देश स्तर पर संविधान लागू होने का अर्थ यह है कि, इस देश में संविधान के माध्यम से जो भी फैसले लिए जाएंगे, वह भारत देश रहने वाले सभी नागरिकों के लिए मान्य होगा |

desh star par samvidhan lagu hone ka arth

देश को चलाने के लिए संविधान के माध्यम से चार प्रकार कि व्यवस्था कि गई है, व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, और न्यायपालिका, और इन तीनों पर नजर और सवाल-जवाब के लिए मीडिया, इन चारों को देश के चार स्तम्भ के नाम से जाना जाता है, जिनके ऊपर संविधान स्थापित है |
संविधान लागू होने के बाद भारत देश में कह़ी पर कुछ भी घटित हो रहा है, तो उसका जिम्मेदार संविधान चलाने वाले लोग है, अगर संविधान का सही तरह से पालन हो रहा है, तो यह संविधान चलाने वालों नेताओं कि सफलता है, और कही पर कुछ भी गलत हो रहा है, तो इसका जिम्मेदार संविधान चलाने वाले नेताओं कि विफलता है |
संविधान के माध्यम से जो भी कानूनी फैसले लिए जायेंगे, उसे हर नागरिक को मानना ही होगा, अगर नियम गलत है तो उस पर अपील भी किया जा सकता है |
चाहे कुछ भी संविधान को गलत किसी भी क़ीमत पर ठहराया नहीं जा सकता, बल्कि संविधान को चलाने वाला सरकार और लोग ही इसके जिम्मेदार और दोषी होंगे |
आज देश में जो कुछ भी बदलाव हो रहा है, उसका जिम्मेदार संविधान चलाने वाले है |
आज देश में ये जीतने भी, यातायात के साधन, सड़क, रेल, हवाई, मार्ग बन रहे है, वह संविधान कि देन है |
आज देश में जीतने भी स्कूल कॉलेज संस्थान जो कुछ भी है, सब संविधान के माध्यम से है |
आज देश में जीतने भी लोग किसी भी प्रकार का कुछ भी नौकरी, चाहे सहकारी हो प्राइवेट सभी संविधान कि देन है | 
आज देश में जो भी सहकारी योजना चल रही है, बिज़नेस चल रहे है, सभी संविधान कि देन है |
संविधान एक ऐसा विधान है, जिसे नहीं चाहते हुए भी देश हर एक नागरिक को मानना ही होगा |
जैसे :- भारत का रुपया |
बाबा साहब डॉ॰ भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पकार है, उनके ही बदौलत आज यह देश समानता पर स्थापित हो रहा है |
लेखक -  योगेन्द्र कुमार

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