लॉक डाउन में घर पर, 14 अप्रैल डॉ॰ भीमराव अंबेडकर जयंती मनाए
मेरा नाम योगेन्द्र कुमार है, इस 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ॰ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती घर पर ही आप बहुत अच्छे तरीके से मना सकते है |
सुबह उठे, आस पास में फूल हो तो आप माला बना सकते है,
तो किस तरह से मनाए, लॉक डाउन के समय
लॉक डाउन में घर पर ही, 14 अप्रैल डॉ॰ भीमराव अंबेडकर जयंती मनाए कुछ इस तरह से

लॉक डाउन में घर पर ही, 14 अप्रैल डॉ॰ भीमराव अंबेडकर जयंती मनाए कुछ इस तरह से

इस तरह मनाए

14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ॰ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती

लॉक डाउन के समय कोई किसी के घर जा नहीं सकता, न कोई किसी के आ सकता है, यहाँ तक के पड़ोसी के घर भी जाना मना है |

आप परिवार के साथ बहुत अच्छे से मना सकते है,



सुबह परिवार के साथ डॉ॰ अंबेडकर जी की चित्र पर पुष्प माला अर्पण करें |

किसी भी संत, गुरुघासीदास, रविदास, कबीरदास, गौतम बुध्द, और अन्य के तस्वीर के सामने दिया या मोमबत्ती जलाए |

घर में मिठाई या कुछ भी बना ले |
लॉक डाउन के समय गरीबो और जरूरत मंद लोगों की मदद करें |

परिवार के साथ यह चर्चा करने के टॉपिक


  • संविधान का अर्थ,
  • संविधान क्या है?
  • संविधान अगर न होता
  • संविधान में नारी का स्थान
  • संविधान की प्रस्तावना का अर्थ
  • डॉ॰ अंबेडकर जी का जीवन संघर्ष,
  • डॉ॰ अंबेडकर क्या चाहते थे,
  • वोट का महत्व,
  • राजनीति क्या है?
  • अगर डॉ॰ अंबेडकर न होते
  • डॉ॰ अंबेडकर लोगों के लिए क्या चाहते थे,
  • "जिसकी लाठी उसकी भैस" कहावत मे संविधान का महत्व
  • तर्क कैसे करें?
  • तर्क के फायदे,
  • बाबा साहेब अंबेडकर के बोल,
  • बहुजनवादी और मूल निवासी किताबें पढ़े,
  • संविधान के महत्व को अपने दोस्तो रिश्तेदारों, परिचित लोगों को बताए |
  • Social Media में लोगों को संविधान के बारे में बताए |
  • DP लगाए,
  • अपने आस-पास के अंबेडकरवादी लोगों को प्राथमिकता देवें,
  • संविधान के टॉपिक पर चर्चा करें |
  • अत्याचार को रोकने में संविधान की भूमिका पर चर्चा करें |
  • सरकार और संविधान पर चर्चा |
  • संसद और संविधान |
  • अंबेडकर जी की लिखी Book
पुस्तकालय के लिए पैसा जमा करके रखे, बच्चो को पुस्तक के लिए पैसे जमा करने के लिए कहे |
आपको अनेकों टॉपिक मिल जायेगे, लेकिन ध्यान रहे, ऐसा टॉपिक चुने जिसे परिवार वाले समझ जाए, और चर्चा करने में मजा आए |
सभी को अपनी बात रखने का अवसर देवें |

यह भूल अंबेडकर जयंती पर न करें |

बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति या चित्र के सामने कभी भी दिया या मोमबत्ती बिलकुल न चलाए |
इसका तर्कवादी कारण
वास्तव में मोमबत्ती या दीपक आस्था का रूप है, वर्तमान समय में, जहाँ पर भी दीप जलता है, उसे आस्था के साथ जोड़ दिया जाता है |
मूल निवासी जीतने भी महापुरुष लोगो के उत्थान का मार्ग बताए है, उनको आस्था के साथ जोड़ कर उनको ब्रामहणी करण कर दिया गया है |
अगर इसी तरह से होता रहा तो, इसे आस्था का रूप और अनेक अंधविसवास पैदा होगा |
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