 आप सभी को अपना मानकर कार्य करेंगे, लेकिन लोग विश्वास नहीं करेंगे, वह कहेंगे पहले अपने समाज का उत्थान कर लो फिर हमारा करने आना|
 अपने समाज में जाओगे तो लोग कहेंगे, पहले अपने क्षेत्र को सुधार लो|
 अपने क्षेत्र में कार्य करना शुरु करोगे तो कहेंगे, पहले अपने गाँव को सुधार लो|
 अपने गाँव के लिए कार्य करोगे, तो कहेंगे पहले अपने घर को सुधार लो|
 अपने घर के सुधार के लिए कार्य करोगे, तो घर वाले कहेंगे अपने आप को सुधार लो|
 उसके बाद आप अपने आप को सुधारेंगे, फिर परिवार को सुधारेंगे|
 उसका बाद अपने गाँव में कार्य करना शुरु करेंगे तो निम्न प्रश्न मिलेंगे|
 जिस समाज को हम सुधार नहीं पाए वह तुम क्या सुधार पाओगे|
 पहले अमीर बन जाओ, फिर समाज सुधार करना|
 तुम मेरे जितना पढ़े लिखे नहीं हो|
 तुम मुझसे जायदा अमिर नहीं हो
 तुम्हारा शक्ल ठीक नहीं है|
 आपकी ऊंचाई ठीक नहीं है|
 आप मुझसे कम उम्र के हो|
 चार दिन में समाज सुधार का जोश निकल जायेगा|
 संविधान के बारे में मुझसे जायदा जानते हो|
 आप तो अनपढ़ हो|
 ये जूता टाई नहीं लगाया है, लोगों का आइकॉन क्या बनेगा|
 ये तो इस राजनीतिक पार्टी से है|
 ये इस संगठन का है|
 ये तो इस जाति से है|
 ये तो इस धर्म से है|
 ये तो इस क्षेत्र से है|
 आप बोलने का मौका मागेंगे, देंगे, फिर छीन लेंगे|
 आप 2 मिनट मागेंगे, हजारों बहाना पहले से तैयार होगा|
 और अगर कोई सत मार्ग में चल रहा होगा, मूर्ति पूजा न करता हो, मास न खाता हो, चोरी न करता हो, ढोंग ढकोसला न करता हो, अपने आप को सुधार लिया हो, तो कहेंगे, तुमने अपने गाँव का सुधार नहीं किया है, अपने परिवार का सुधार नहीं किया है|
 मीटिंग बुलाओ और कहने का अवसर दोगे, तो ऊपर चढ़ जायेगे, मुददे की बात से मुकर जायेंगे, शांत रहोगे तो कमजोर मान लेंगे, धीरे बोलोगे तो कोई सुनेगा नहीं, बड़ी बात करोगे तो छोटी-छोटी बात करेंगे|
 आप वास्तविक बात करोगे, वह काल्पनिक बात करेंगे|
 आप अपनी बात रखेंगे, वह अपनी कहकर रोने लगेंगे|
 आप सुख की बात करोगे, ओ दुःख की करेंगे|
 आप हंसाने की कोशिश करेंगे, वह रुलाने की कोशिश करेंगे|
 आप ढोंग ढकोसला त्यागने की बात करेंगे, वह अपनाने की बात करेंगे|
 आप पार्टी की बात न करें कहेंगे, वह कहेंगे बिना पार्टी के कुछ नहीं होगा, फिर मेरा ये तेरा पार्टी|
 आप पैसे बचाने की बात करेंगे, वह पैसे लुटाने की करेंगे|
 आप नशा छुड़ाने की बात करेंगे, वह नशा जीवन का आधार कहेंगे|
 आप एकता की बात करेंगे, वह भाई-भाई की फुट की बात करेंगे|
 आप एक होने की बात करेंगे, रोने लगेंगे|
 आप स्थायी समाधान की बात करेंगे, वह अस्थायी की बात करेंगे|
 अगर आप पूरी तरह से सही रहेंगे, कोई बुराई नहीं मिलेगा तो आपकी बात को तोड़ मरोड़ कर, लोगों को भड़का दिया जाया जायेगा|
 आप सुधर गए होंगे, लेकिन आपकी पुरानी गलतियों को पकड़ के रखेंगे|
 मै नौकरीहार, धन वाला, मै बड़ा, सभी मै की बात करेंगे|
 दुसरे की बुराई, दुसरे जाति की बुराई करेंगे, लेकिन अपनी बुराई, अपनी जाति का हाल नहीं देखेंगे|
 इंटरनेट में समाज सुधार की बात करेंगे, लेकिन सामने की बात करो तो थर-थर कापेंगे|
 आप उपाय की बात करों, वे समस्या की बात करेंगे|
 आप सामाजिक बात करेंगे, वे व्यक्तिगत बात करेंगे|
 आप समाज कमी को दूर करने की बात करेंगे, ओ आपको निजी कमी की बात करेंगे|
 आप जागरूक लोगों की बात करेंगे, ओ सोये हुए की बात करेंगे|
 आप समझदारी की बात करेंगे, नासमझी की|
 आप अपनी ज्ञान की बात करेंगे, ओ दूसरों की ज्ञान की|
 आप ज़मीनी स्तर की बात करेंगे, ओ इंटरनेट हवा हवाई की|
 सलाह देने वालो की संख्या बढ़ती जाएगी|
 आप उनको उठाने के लिए संघर्ष करेंगे, ओ आपको नीचा गिराने के लिए|
क्या इतना आसान है, समाज सुधार कर पाना|
वास्तव में उस व्यक्ति को यह समझना होगा, की वास्तव में वह क्या चाहता है, और क्या करना चाहता है|
जब कोई समाज सुधार के लिए आगे आता है, तो निम्न प्रश्न से सामना करना पड़ता है|
योगेन्द्र कुमार सतनामी, ग्राम-चरौदी, तहसील-मालखरौदा, जिला-जांजगीर-चाम्पा छत्तीसगढ़,
मो. 9131880737
सामाजिक शोध जारी है, जमीनी स्तर पर.....
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