satnami samaj ka faisla mundan pratha hoga pura band.jpg

छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज के करीब 40 लाख लोग निवास करते है, जिनके पूजनीय बाबा गुरुघासीदास जी है|

सतनामी समाज आज लगातार अपने सतनामियत के प्रति जागरूक हो रहा है, इस समाज में लगातार परिवर्तन की लहर देखने को मिलती रहती है |

हाल ही में सतनामी समाज के प्रमुख संत एवं सामाजिक कार्यकर्ताओ की से मेरी मुलाकात हुई |
जिसमे जानकारी दी गई की सतनामी समाज में कुछ क्षेत्र में चली आ रही सामाजिक प्रथा,
मुंडन प्रथा को सतनामी समाज के द्वारा पूरी तरह से बंद किया जायेगा |

संतो ने बताया की सतनाम नियम के अनुसार मुंडन प्रथा का सतनामियत में कोई स्थान नहीं है, सतनामियत से भटक जाने के कारण इस प्रथा का चलन समाज में हो गया है |
जिसे अब सतनाम की मुख्य धारा में लाया जायेगा |

इस सामाजिक बदलाव सूचना को एतिहासिक बनाने के लिए तथा जन-जन समाज से जोड़ने और सामाजिक नियमो से अवगत कराने के लिए सामाजिक बैठक आहूत किया जायेगा |
यह छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तरीय बैठक जुलाई माह में स्थान जिला जांजगीर के तहसील मालखरौदा ब्लाक में होगी, जिसकी तैयारी में समाज लगा हुआ है|

यह सामाजिक नियम पुरे सतनामी समाज के ऊपर मान्य होगा|
इस सामाजिक नियम में कोई बाधा न आये इसके लिए यह फैसला समाज के सन्त एवं प्रमुखों द्वारा लिया गया है, की बैठक समाज के संगठन, संस्था, समिति द्वारा नहीं बुलाया जायेगा|
बल्कि समाज के द्वारा बुलाया जायेगा, समाज के अन्दर ही संगठन, समिति एवं संस्था, कार्य करती है|

समाज का नियम सभी से बड़ा है, यह सामाजिक फैसला है, इसलिए समाज ही रूप रेखा तय करेगा|
होने वाले बैठक में समाज के सभी संतो एवं ज्ञानी समाज प्रेमी को आने की अपील की गई है|
आशा करते है सभी समाज अपने विकास की ओर आगे बढे |

और लगातार विकास करता रहे, इसी आशा के साथ 
जय सतनाम, साहेब को सतनाम, जय जोहर, क्रांतिकारी जोहर
रिपोर्ट - योगेन्द्र कुमार

1 टिप्पणियां

KUMAR LAHARE ने कहा…
सही कदम है