Apr 6, 2019

भारत में ग्रामीण गरीबी कारण और दूर करने के उपाय Poverty in India निबंध

आज आपको इस निबंध के माध्यम से बताने वाला हूँ, की भारत देश के लोग गरीब क्यों हो रहे है, क्या है गरीबी का कारण |

bharat me garibi ke karan par nibandh poverty in india

भारत में गरीबी पर निबंध

और इस समस्या को किस तरह से दूर किया जा सकता है |
पांच तरीके से इस समस्या को हल करेंगे |

  1. समस्या की पहचान करना |
  2. समस्या के कारण का पता लगाना |
  3. समस्या के कारण का उपाय करना |
  4. उपाय करने के बाद समस्या का निदान होगा |
  5. और अंतिम में आता है, प्रबंध करना |

समस्या गरीबी है |

गरीबी का कारण विस्तार से :-

जीवन में तीन चींजे आवश्यक है, 1. रोटी, 2. कपड़ा, 3.मकान,
और यह तीनो धन से आती है, इनके प्रबंध करते-करते आदमी गरीब हो जाता है |
तथा बीच में आवश्यक खर्च, और असमझदारी गरीबी की ओर ले जाती है |

आदमी महीने में या वर्ष में कुल कितना कमाता है, और कुल कितना खर्च करता है, इससे यह पता लगाया जा सकता है, आदमी गरीब हो रहा है, या उन्नति कर रहा है |
अगर पैसे बच गए तो ठीक और अधिक खर्च हुए तो गरीबी का कारण |
गरीबी का कारण समाज और सामाजिक प्रथा है |
अनेक प्रथा, संस्कार और त्यौहार के नाम पर आदमी गरीब हो जाता है |
जैसे :- विवाह में जो आदमी 5000 महीने का कमाता है, वह 1 लाख खर्चा करता है,
बच्चे के जन्म लेने पर भोज कराना |
परिवार में मरने पर भोज कराने में |
और दुनियाँ भर त्यौहार मनाने में आदमी गरीब हो जाता है |
प्रथा किसी रिवाज को जबरदस्ती समाज करवाता है, जिसके कारण से आदमी गरीब हो जाता है |
और इनकी पूर्ति के लिए जीवन भर कमाई एक दिन में उड़ा देता है |

गरीबी का कारण बिमारी है |

जब कोई बिमार होता है, तो उसका इलाज कराना अनिवार्य होता है, और परिवार उसका खर्च उठाता है, इसी खर्च से आदमी गरीब हो जाता है |
और इलाज कराने के लिए या तो जमीन या कुछ बेचता है, या जमापूंजी खर्च करता है | यही सबसे बड़ी गरीबी का कारण है |

आनावश्यक खर्च गरीबी का कारण |

आज रोज व्यक्ति शराब पीता है, खाने में मंहगा खाना खाता है, और आनावश्यक खर्च करता है

गरीबी को दूर करने के उपाय |

संस्कारों में अधिक से अधिक आय कम खर्च करें |
संस्कार का खर्च कुछ सरकार और कुछ समाज उठाये |
विवाह में गरीब मुश्किल से 20,000 से जायदा न करें |
समाज के और गाँव के सभी मिलकर खर्च का वहन करें |
त्यौहार में एक दिन के आय जितना खर्च करें |
बिमारी का खर्च सरकार उठाये, क्योंकि यह सरकार का दायित्व है |
आनावश्यक खर्च शराब का खर्च, और मंहगा खाना कम करें |
आवश्यकता से अधिक समान न ख़रीदे |
और उतना ही खर्चा करें, जितना आवश्यक है |

समस्या का निदान 

संस्कार को समाज बदले, समाज को समझना है, इसके कारण समाज गरीब हो रहा है |
बिमारी न हो इसके लिए ध्यान रखे, अपने शरीर को कैसे स्वस्थ रखना है, उसको करें |
त्यौहार नहीं मनाये, क्योकिं यह गरीब बनाने के लिए काल्पनिक बनाया गया है |
शराब न पिए, जीवन का महत्व समझे |
सरकार गरीबी उन्मूलन योजना चलाये, नए तकनीक की ओर बढ़ाये |
आवश्यक लोगों को लोन देवें  |
सरकार रोटी, और मकान की व्यवस्था करें |

प्रबंध | 

सरकार आवश्यक खर्च पर प्रतिबन्ध लगाये |
समझ आवश्यक खर्च पर प्रतिबन्ध लगाये |
सरकार कौन कहाँ खर्च कर रहा है, इस पर ध्यान देवें |
गरीबी वाले प्रथा को न मनाये |
होली नारी को जलाने का प्रतिक है, इसमें खर्च न करें |

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