Apr 12, 2019

रिपोर्ट - मोदी का भाषण गर्भवती महिला न सुने बच्चे को पागल पन का खतरा


एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार यह परिणाम आया है, की अधिक गर्भवती महिलाओ के बच्चे मानसिक रूप से कमजोर और चिडचिडा पन पाया गया है |
इनमे खास करके वह महिलाए है, जो नरेन्द्र मोंदी से जुडी हुई थी |
रिपोर्ट का कैसे हुआ खुलाशा, यह तब हुआ जब मोंदी की भाषण सुनने वाली महिला एक गार्डन में उपस्थित हुई, और बच्चे आपस में एक दुसरे को नीचा दिखाने लगे, और गुस्सा करने लगे |
तब कही उनकी माँ ने गौर किया की बच्चे स्वभाव से अलग व्यव्हार कर रहे है |
और इसी जानकारी उन्होंने डॉक्टर को दी |
डॉक्टर मामले को समझने के बाद बताया और अपना रिपोर्ट तैयार किया :-
बच्चे गर्भ में सुकुन के पल में रहना पसंद करते है |
बच्चे गर्भ में सोते और खेलते है, माँ जो भी करती है, उसका असर बच्चे पर पड़ता है |
बच्चा जब गर्भ में हो तो उसे अच्छे-अच्छे भावनात्मक और मधुर स्वर सुनाने की बात करने की माँ को जरुरत होती है |
चूँकि महिलाए इसके विपरीत कार्य करने लगी |
आखिर क्या है, मोंदी के भाषण में जिसके कारण बच्चे और लोग मानसिक पागल हो रहे है |

नरेन्द्र मोंदी का भाषण सुनने से बच्चे दिमागी पागल

हर दिन घंठो-घंठो मोंदी का गुस्सा वाला भाषण सुनना |
हर बार आरोप लगाना |
हर भाषण में सपने दिखाने की बात करना |
हर बार झूठ बोलना |
हर बात को आँख मूंदकर कर भरोषा कर लेना |

mondi ke bhashan se mansik bimari ka khatra

आज इसका परिणाम देखने को मिल रहा है, बच्चे दिमाग से कमजोर हो रहे है |
डॉक्टर ने तो सलाह दिया है, इन जैसे किसी भी नेताओ का भाषण न देखे, नहीं तो होने वाला बच्चा, दिमाग से कमजोर चिडचिडा पन वाला हो सकता है |
इसलिए महिलाओ को होशियार रहने की जरुरत है, क्योंकि लोग समझ नहीं पा रहे है, इनके भाषण से बात करने के तरीके से झूठ और आक्रोश, आरोप, सपने दिखाने की वजह से बच्चे की तरह आज के मानव सपने में खो गए है |
अगर मोंदी फिर से चुनाव जीता तो, भारत का भविष्य खतरे में है |
यह आप व्हाट्सएप्प में खास करके मोंदी के भाषण सुनने वाले महिलाओ को इससे अवगत कराए यही से शेयर कर सकते है |
Previous Post
Next Post

post written by:

0 Comments: