Sunday, February 24, 2019

#सतनामी_समाज में नियम लागु, मुंडन, छठ्ठी, कपड़ा, मिठाई, देवपूजन, नशाखोरी, बंद जरुर पढ़े |

satnami samaj ka naya niyam lagu

रविवार, 24 फरवरी को, ग्राम-#चरौदी, तहसील-#मालखरौदा, जिला-#जांजगीर-चाम्पा, #छत्तीसगढ़ में,
ग्राम चरौदी के सतनामी समाज द्वारा सामाजिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमे #सतनामी समाज के समस्त घर से प्रमुख ग्रामवासी पहूचे |

जिसमे समाज की रीतिरिवाज, संस्कार, खान-पान, के ऊपर समाज के लोगो द्वारा चर्चा किया गया |
ग्राम के लोगो ने ,अनेक प्रकार की सामाजिक बाते रखी गई |

जन्म संस्कार

#योगेन्द्र_कुमार ने अपनी बात को रखते हुए, कहाँ की सतनामी समाज में जन्म संस्कार को उत्सव के रूप में मनाना चाहिए |
और जोर देते हुए कहाँ की, सतनामी समाज में छूत-अछूत का कोई चलन नहीं है |

और छठ्ठी करना अनिवार्य नहीं है, जिसका मन लगे वह समाज को उत्सव भोज करा सकता है, अथवा अनिवार्य नहीं है |

सभी लोगो ने इस पर विचार किया और इसे समाज के ऊपर लागु करने पर जोर दिया, नियम बनाया गया |

मृत्यु संस्कार

मृत्यु संस्कार पर चर्चा हुई, जिसमे गाँव के सभी लोगो ने कहाँ की, मरने पर समाज के द्वारा सफ़ेद कपड़ा नहीं दिया जायेगा |
उसके जगह में सहयोग राशि, समाज के द्वारा परिवार को दिया जाए |
तथा, दस कर्म में, मिठाई को गलत माना गया, क्योकि मिठाई उत्सव के समय खाई जाती है, इसलिए मिठाई को भी समाज के द्वारा बंद किया गया |

समाज सुधारक योगेन्द्र कुमार ने अपनी बात को रखते हुए कहाँ की मरने पर मुंडन किसी को नहीं कराना चाहिए |

इस बात पर चर्चा हुई, समाज के लोगो ने कहाँ की, यह बहुत पहले से चला आ रहा है, और इससे यह पता चलता है, की परिवार में नजदीकी व्यक्ति की मृत्यु हुई है |

इसके उत्तर में योगेन्द्र ने कहाँ की, महिला को भी पिता के मरने पर मुड मुड़ा लेना चाहिए |
तथा लोगो को मुंडन की वास्तविकता को बताते हुए कहाँ की,

मुड मुड़ाये हरी मिले, सब कोई लेत मुड़ाये |
बार-बार के मुढ़ते, भेड़ न बैकुट जाए ||

इससे यह इस्पस्त होता है, मुड इसलिए मुड़ाया जाता है की पहले यह मान्यता थी की, परिवार के लोगो के मुड मुड़ाने से मृत आत्मा को शांति मिलती है, और वह स्वर्ग में जगह पाता है |
सतनाम को इस्पस्त करते हुए कहाँ की हमें स्वर्ग वासी नहीं, सतलोक वासी, सतपुरुष के पास पहुचना है, इसलिए हम मुड मुड़ाकर काल के जाल में किसी को नहीं भेजेंगे |

और इस तरह से समाज के लोगों ने कहाँ की, मुड़-मुड़ाना, मुंडन करना अनिवार्य नहीं, जिसका मन लगे ओ मुड़ा सकता है, जिसका मन न लगे ओ न मुड़ाये, यह बदलाव एक झटके में नहीं हो सकता |
लेकिन समाज के द्वारा खुली छुट दी जाती है |

विवाह संस्कार

अपनी बात को रखते हुए योगेन्द्र कुमार ने कहाँ की, आज भी सतनामी समाज के लोग, अग्नि को साक्षी मानकर विवाह कर रहे है, और मंगल सूत्र, सिंदूर प्रथा को प्राथमिकता दी जा रही है |

जो की सतनामी समाज में मान्यता नहीं है, इसलिए, सतनामी रीति नियम से विवाह करना अनिवार्य किया जाये |
लोगो ने कहाँ की इससे खर्चा जायदा होगा, इस पर सुझाव देते हुए योगेन्द्र ने कहाँ की, जब बारात वापस लड़के वालो के घर दुल्हल को लेकर आती है, तो एक सतनाम के झंडे को घर पर बांध कर फेरा लगाया जाये | और चन्दन पान, और फूलमाला डालकर विवाह सम्पन्न कराया जाए |

जिसमे समाज को भोज कराने की अनिवार्यता भी न हो |
इस तरह से समाज की रीति आगे बढ़ेगी, और समाज में अच्छे संस्कार भी आगे बढ़ेंगे |

इस पर गाँव प्रमुख लोग, तेजलाल, रामदयाल, खोलबहरा, खिखोराम, घसियाराम, भरत और सभी लोगो ने एक स्वर में कहाँ की इससे समाज आगे बढेगा |

सबसे जरुरी नियम,

इस बैठक में सबसे बड़ी चर्चा का विषय यह रहा की, किसी भी परिवार में उत्सव के समय सामाजिक रूप से, नशाखोरी, शराब पिलाना, और मास भक्षण, देवपूजन, को अनुचित माना गया |
इससे समाज में गरीबी, सामाजिक बुराई आती है, इस तरह से शराब और मास भक्षण को गाँव में सामाजिक पूरी तरह से बंद किया गया |
इन सभी नियमो को पालन करने के लिए गाँव के लोगो ने, 10 सदस्यीय टीम और नियम पर्ची का योजना बनाया गया |
जिससे नियम का पालन हो, समाज में एकरूपता आये |

योगेन्द्र ने बताया की, यह टीम गाँव में होने वाले सामाजिक कार्यक्रमों में पहुचेगी, और सामाजिक नियमो से अवगत कराएगी |
हमने जानने की कोसिस की अगर कोई परिवार नियमो को तोड़ता है, तो क्या होगा |
इस उत्तर देते हुए कहाँ की लोग जितनी बार जानबूझकर गलतिया करेंगे, हम उतना ही लोगो को समझायेंगे, की हमें गरीबी नहीं चाहिए |
हमें आगे बढ़ना है, अच्छी शिक्षा, अच्छे संस्कार प्राप्त करना है |
हम किसी को दण्डित नहीं करेंगे, समाज से अलग नहीं करेंगे |
हम मिलकर समाज में हम भी भावना लायेंगे, एक होकर कार्य करेंगे, अच्छे समाज का परिचय देंगे |
और समय-समय पर बैठक करते रहेंगे |

गाँव की मुख्य बैठक में प्रमुख रूप से, सतनामी समाज के विचारक, ग्रामवासी , तुकाराम, योगेन्द्र, तेजराम, राजेंद्र कुमार, राधे, घसियाराम,  भरत, सियाराम, गोपाल प्रसाद, महेंद्र, पुनीराम, पूना, अजय, खिखोराम, भकला, राजेश, राज कुमार, बसंत, कपिल, राजू लाल, रामनाथ, छोटे कुमार और समस्त सतनामी समाज उपस्थित रहे |
ग्राम चरौदी से सतनामी समाज से सम्बंधित किसी भी जानकारी के लिए योगेन्द्र कुमार 9131880737 से संपर्क कर सकते है |
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1 Comments:

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The Editor delete Monday, February 25, 2019

क्रांतिकारी हिम्मती कदम...

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