Nov 23, 2018

सभी सतनामियों का ऐलान, सभी का सरनेम एक होगा, सिर्फ सतनामी

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सभी सतनामियों का ऐलान, सभी का सरनेम एक होगा, सिर्फ सतनामी 

सत का सन्देश, मानव – मानव एक समान का उपदेश देने वाले, लोगो की वास्तविकता से परिचय कराने वाले, बाबा गुरुघासीदास के मानने वाले सतनामी कहलाये, जो अपने आप को सतनामी मानते है ओ, सतनाम को ही अपना सब कुछ मानते है |
सत्य को अपना सब कुछ जानते है |
सतनाम को मानने वाले जाति, धर्म, मूर्तिपूजा, नहीं मानते,
मनुवादियों ने सतनामियो को तोड़ने के लिए अनेक तरह के उपाय किये, और इन सतनामीयों को तोड़ने के अनेक तरह के उपनाम में बाँट दिए, आज ये सतनामी अपनी वास्तविकता को भूलते जा रहे है,
अपने नाम को महत्वहीन बना रहे है,
सरनेम को महत्त्व दे रहे है,
जबकि वास्तव में सतनामी माता पिता को भगवान, सबसे सर्वोत्तम मानते है,
माता पिता ने नाम के सिवा बच्चे को कुछ नहीं दिया |
फिर सरनेम बड़ा कैसे हुआ |
इन सतनामियो का इतिहास तो पूरी दुनिया जानती है, पर ये अपनी वास्तविकता को समझ नहीं पा रहे है,
इनको रुढ़िवादी, नियम को बदलना है,
अज्ञानता को मिटाना है,
सतनाम का प्रचार करना है,
योगेन्द्र कुमार सतनामी ने बताया की,
अब से सभी सतनामीयों ने ऐलान कर दिया है, सरनेम में सभी सतनामी ही लिखे, और सतनामी को सिर्फ सतनामी सरनेम से जाना जाए |
इससे सतनामी समाज एक होगा |
सभी सतनामी-सतनामी में भेद नहीं कर पायेगा |
कोई मनुवादी सतनामीयों को तोड़ नहीं पायेगा |
सतनामी के बारे में लोगो को जानने में आसानी होगी |
आज कोई अपने सरनेम को बड़ा बता रहा है, दुसरे के सरनेम को छोड़ा, अपने ही पंथ के लोगो को छोटा साबित करने में लगे है, अगर सभी एक सरनेम सतनामी लिखेंगे तो एकता आएगी |
कुछ लोग ऐसे होते है जो अपने सरनेम को ऊँचा उठा कर रखे हुए है, उनको सरनेम सतनामी लिखने में या कहलवाने में दुःख तकलीफ होता है |
सतनामियो को सतनामी सरनेम लिखने में सिर्फ एक ही तकलीफ होती है, ओ शादी के समय |
तो इसका यह समाधान है |
सतनामी जाति बंधन को नहीं मानते तो, सरनेम को क्यों मानेगे |
इसलिए, दो पक्षों के बीच जब रिश्तेदारी का समय आये तो, यह पता करें वह लड़की कहीं, लड़के का कोई रिश्तेदार तो नहीं लग रहा |
या परिवार से तो नहीं |
क्योकि यही वास्तविक नियम है,
अगर गोत्र-गोत्र कहते रहे तो, हो गई मनुवादी परंपरा,
इसलिए, सभी लोगो से अनुरोध है, सरनेम में सतनामी ही लिखे, और सभी को सतनामी ही जाने |
अगर सतनामी नहीं लिखते तो, अपने पिता या माता का नाम लिखे |
इस 18 दिसम्बर 2018 को संत शिरोमणि बाबा गुरुघासीदास की जयंती के समय, सभी सतनामियो ने सरनेम को एक करने का फैसला किया है |
इस सन्देश को जन-जन तक और सभी सतनामियो तक पहुचाए |
कुछ मनुवादी ऐसे होंगे जो सतनामियों को एक होने से रोकेंगे |
अगर किसी को कोई आपति हो तो कृपया सतनाम समाज योगेन्द्र कुमार सतनामी से संपर्क करें 09131880737

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