Oct 31, 2018

भारत में गरीबी के कारण,गरीबी मिटाने के नियम, गरीबी पर निबंध, योगेन्द्र धिरहे का विश्लेषण causes of Poverty in india in hindi

भारत में गरीबी के कारण,गरीबी मिटाने के नियम, गरीबी पर निबंध, योगेन्द्र धिरहे का विश्लेषण 

Bharat desh ke garibi ka karan hindu ke garibi ka karan

देश की गरीबी का मुख्य कारण अशिक्षा है, और अशिक्षा न देने का कारण सरकार है |
आपको बुरा लग सकता है, आपसे निवेदन है की आप वास्तविकता जानना चाहते है तो जरुर विस्तार से पढ़े |क्योकि ये सरकार जानती है, जिस दिन ये शिक्षित होकर तर्कबुध्धि से जीना शुरु कर देंगे, उस दिन 33 करोड़ देवी देवताओ की मूर्ति को त्याग देंगे, और अमीर हो जायेंगे , और सरकार भी देश के मूलनिवासियों की बन जाएगी | इसी कारण से बच्चों की मानसिक योग्यता के विषय में कुछ पढाया नहीं जाता, जब तर्क करने लगेंगे तो, समझ जायेंगे की, मूर्ति को तालाब में डालने से, तालाब गन्दा, और नदी में डालने से नदी में बाढ़ आती है, मै मानता हूँ, की गरीबी का मुख्य कारण अशिक्षा है, अगर शिक्षा होगी तो तर्क बुध्धि होगा, और तर्क बुध्धि होगा तो, इस देवी-देवता और दुनियाभर के संस्कार से छुट्टी मिलेगा |
गरीबी का सबसे बड़ा कारण कोई और नहीं प्रथा है रिवाज है,
अगर बात करूँ हिन्दू धर्म की तो, यह हिन्दू धर्म नहीं गुलाम बनाने का धर्म है, लोगो को यह पता नहीं है, धर्म के आड़ में ओ गुप्त तरीके से ओ गुलाम बना रहे, अपनी राज करने की नीति बना रखे,
और लोगो की मासिक स्तिथि को बिगाड़ रहे है, अपने बच्चे को उच्च शिक्षा दे रहे है, और दुसरो के बच्चों को गुलाम बनाने की शिक्षा,
अब समझिये विस्तार से,
क्या उपवास रहने से पति का उम्र बढ़ जाता है, अगर ऐसा होता तो, आज कोई जवान देश की सीमा पर शहीद नहीं होता |
एक वर्ष में 365 दिन होते है,
हिन्दू धर्म गुलाम बनाने का धर्म है,
लोगो को एक विशेष वर्ग गुप्त तरीके से लुट रहा है,
अगर मूर्ति में जान डाला जा सकता है, तो कोई मरता नहीं |
अब गरीबी का कारण को समझो,
इन सभी त्यौहार को मनाते-मनाते लोग गरीबी में डूब गए है,
हिन्दू त्यौहारतारीख-2018
लोहड़ी (Lohri)13 जनवरी, शनिवार
मकर संक्रांति (Makar Sankranti)14 जनवरी, रविवार
पोंगल (Pongal)14 जनवरी, रविवार
वसंत पंचमी (Vasant Panchami)22 जनवरी, सोमवार
थाईपुसम (Thaipusam)31 जनवरी, बुधवार
महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri)13 फरवरी, मंगलवार
होलिका दहन (Holika Dahan)1 मार्च, गुरुवार
होली (Holi)2 मार्च, शुक्रवार
चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navaratri)18 मार्च रविवार से 26 मार्च तक सोमवार
ऊगड़ी/तेलुगू नया साल (Ugadi)28 मार्च बुधवार
गंगौर पर्व (Gangaur Parv)20 मार्च मंगलवार
मेवाड़ पर्व (Mewar festival)18 मार्च रविवार से 20 मार्च मंगलवार
राम नवमी (Ram Navami)25 मार्च सोमवार
महावीर जयंती (Mahavir Jayanti)29 मार्च गुरुवार
हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti)31 मार्च शनिवार
रथयात्रा (Ratha-Yatra)14 जुलाई शनिवार
गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima)27 जुलाई शुक्रवार
ओनम (Onam)15 अगस्त बुधवार से 27 अगस्त सोमवार
रक्षा बंधन (Raksha Bandhan)26 अगस्त रविवार
कुंभ मेला (Kumbh Mela)29 अगस्त बुधवार से 18 सितंबर मंगलवार
जन्माष्टमी (Janmashtami)2 सितंबर रविवार
रामलीला (Ramlila)8 सितंबर शुक्रवार से 8 अक्टूबर रविवार तक
गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi)13 सितंबर गुरुवार
ब्रह्मोत्सव (Brahma Utsav)10 अक्टूबर बुधवार से 18 अक्टूबर गुरुवार
पितृ पक्ष (Pitru Paksha)24 सितंबर सोमवार से 8 अक्टूबर सोमवार
रामबारात (Rambarat)8 अक्टूबर रविवार
नवरात्र (Navaratri)10 अक्टूबर बुधवार से 18 अक्टूबर गुरुवार तक
दशहरा (Dussehra)19 अक्टूबर शुक्रवार
महाऋषि वाल्मिकी जयंती (Valmiki Jayanti)24 अक्टूबर बुधवार
करवा चौथ (Karwa Chauth)28 अक्टूबर रविवार
देव उथानी एकादशी (Dev Uthani Ekadashi)19 नवंबर सोमवार
धनतेरस (Dhanteras)5 नवंबर सोमवार
दिवाली (Diwali)7 नवंबर बुधवार
गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja)8 नवंबर गुरुवार
भाई दूज (Bhai Dooj)9 नवंबर शुक्रवार
छठ पूजा (Chhath Puja)11 नवंबर रविवार - 14 नवंबर बुधवार
और लोग, अनेक समय में आंधी धुंध खर्चा करते है,
जैसे जन्मोत्सव, शादी में, किसी के मरने पर,
सबसे ज्यादा खाने खिलाने में लोग गरीब होते है,
यही वास्तविक कारण है गरीबी का,

अगर बत्ती एक साल का 500 रुपया
दुनिया भर के त्यौहार दीवाली में 1000,
होली में 1000,
रक्षा बंधन में 2000,
दारू में, रोज का 50, कुल साल का 18000
मुर्गी में हफ्ते का 100 रूपये तो 5200,
दुर्गा में, 1000 रुपया
गणेश में 1000,
दशहरा 1000
करवा चौथ 1000
अनेक उत्सवो में अब कितना होगा आप खुद जोड़ लो,
और पुरे परिवार का जोड़ो,
और बंकि को आप जोड़ लो बहुत हो गया बुराई करते करते, बुराई करना गलत बात है |
अगर वर्ष में यही पैसे बचते तो हर व्यक्ति अमिर होते | आप लोगो को पता भी नहीं, जो आपको ये 33 करोड़ सौगात में मिला है |
आपको तो ये भी नहीं पता, आप पूज नहीं रहे, आपको ही पुजाया जा रहा है |
आपको धर्म के नाम पर गुलाम बनाया गया है,
आप पूजा नहीं कर रहे, आपको पूजा करने के लिए डर को बिठाया जा रहा है,
जब आप तर्क बुध्धि से जीने लग जाओगे तो इस गरीबी का निदान हो जायेगा,
और तर्क करने के समझ होना अन्दर में जरुरी है,
कोई व्यक्ति बिना पढ़े तर्क कर सकता है, लेकिन हर एक चीज के बारे में सिर्फ पढ़ा लिखा शिक्षित ही तर्क कर सकता है |
बाबा साहेब आंबेडकर ने इन ग्रंथो के बारे में क्या कहाँ
गड़रिया की कहानी |
अब आदमी मुख से पैदा हो सकता, ब्रम्हा के तो चार मुख है,
एक ही मुख से पैदा हुआ या चारो से,
क्षत्रिय, एक को पैदा किये बहुतो को,
वैश्य को एक पैदा किया बहुत सारे,
शुद्र को एक पैदा किया बहुत सारे,
या सामान्य सब को,
अगर यह सत्य है तो,
यह जो ब्राम्हण, क्षत्रिय, वैश्य, और शुद्र, केवल भारत में ही क्यों पाए जाते है |
अन्य देशो में क्यों नहीं, इसका मतलब ब्रम्हा ने उनको नहीं बनाया,
नहीं बनाया तो उनको कौन बनाएगा |
ब्राम्हण की संख्या, 3% और शुद्र की संख्या 85% कुछ समझ रहे हो |
ये सब कपोल कल्पित कल्पना की गई कहानी है,
जिसे पहले ब्राम्हण लोगो को कहानी सुनाकर मनोरंजन किया करता था,
जो आज भी जारी है |

कैसे मिलेगा गरीबी से मुक्ति 

कबीर दास ने क्या कहा है याद नहीं,
पाथर पूजे हरी मिले,
तो मै पूजू पहाड़ !
घर की चक्की कोई न पूजे,
जाको पीस खाए संसार !!

मुंड मुड़या हरि मिलें ,सब कोई लेई मुड़ाय |
बार -बार के मुड़ते ,भेंड़ा न बैकुण्ठ जाय ||

माटी का एक नाग बनाके,
पुजे लोग लुगाया !
जिंदा नाग जब घर मे निकले,
ले लाठी धमकाया !!

एक बूँद ,एकै मल मुतर,
एक चाम ,एक गुदा ।
एक जोती से सब उतपना,
कौन बामन कौन शूद

कितना बताया है समझते नहीं, आपको लाखो इस तरह के उदाहरण मिल जायेंगे |
भारत के मशहुर संत गुरुघासीदास बाबा ने स्पष्ट कहाँ है
मूर्ति पूजा मत करो |
नशाखोरो न करो |
मानव मानव एक समान |
जो भी सब मानव ने बनाया है |
सभी धर्म,जाति, वर्ण लोगो ने बनाया है,
कोई शुभ अशुभ नहीं होता ये सब लोगो ने कल्पना किया है |
आज भीम वादी, कबीर पंथ, सतनाम पंथ, और बहुत सारे धर्म समानता की बात करने है, इन हिन्दुओ को तो ये भी नहीं पता की |
धर्म के आड़ में इन्हें गुलाब बनाया गया है, जाति बनाया गया है |
वर्ण बनाया गया, ऊँच नीच का भेद बनाया गया है |
अगर आप अमिर बनना चाहते है, तो बाबा साहेब आंबेडकर की book पड़ लेना, साथ में पेरियार, ललाई सिंह, खासकरके एस कुमार, का book, |
इस तरह का सरकार बनाओ जो तर्कबुध्धि की शिक्षा की बात करता हो,
यह नहीं की, शंकर ने गणेश का सर काटकर हांथी का जोड़ दिय,
अब खुद सोचो, मिटटी से बना,
बच्चे के सर में हांथी का सर, और पेशी फिट हो गया,
और सबसे बड़ी बात जानवर का खून आदमी में भी मिल गया
एक तरफ चंदा मामा, तो दूसरी तरफ करवाचौथ पर चाँद मामा को पति, एक तरफ चंदा मामा तो दूसरी तरफ चन्द्र देव |

कहाँ मिलेगा बाबा साहेब और जय भीम क्रन्तिकारी बुक

जहाँ पर बहुजनो की,सभा, या बौध विहार मेला, आप इन जगहों पर book ले सकते है |
कोई देवी देवता नहीं कहते book पड़ने के लिए,
जब देवी देवता में अटक जाओ ये है तो इस वेबसाइट www.inhindiindia.in या योगेन्द्र धिरहे गूगल में लिखकर कांटेक्ट कर लेना, आपको उत्तर मिल जायेगा |


Previous Post
Next Post

post written by:

0 Comments: