Jul 19, 2018

जाति बड़ा या धर्म ? Jati Bada Ya Dharm ? - by Yogendra Kumar

जाति बड़ा या धर्म
यह कितना बड़ा प्रश्न है, लेकिन सरल भी,
अधिकतर लोग तो यही कहेंगे धर्म बड़ा है, मगर क्या यह सत्य है, क्या प्रमाण है की धर्म बड़ा है , आप कहोगे धर्मं के अंतर्गत जाति आती है,
पर मेरा भी एक प्रश्न है, धर्म को व्यक्ति बदल सकता है जाति को क्यों नही |
इससे यह प्रमाणित होता है की धर्म छोटा है जाति बड़ी है, जिसे आसानी से बदलाव किया जा सके वह छोटा ही तो होगा, अगर जाति छोटी तो जाति को बदल सकते |

प्रश्न यह नहीं है जाति क्या है ? धर्म क्या है ?

समझने वाली बात तो यह है, जाति किसी समुदाय से सम्बंधित है,  और धर्म समुदाय का केंद्र, मगर जब जाति अर्थात समुदाय ही नहीं रहेगा तो धर्म कैसा, धर्म का निर्माण भी तो जाति से हुआ है |
अगर कोई जाति अपना स्वंम का धर्म बनाना चाहे तो निश्चित ही बना सकता है, जैसे भारत में हिन्दू से अलग होकर बनाया गया धर्म बौध, सिख, जैन, और अन्य, तो समझ गये होंगे, जाति बड़ा है धर्म से अगर आपको अब भी समझ न आये तो दोबारा पड़ लीजिये ,

जाति और धर्म की उत्पत्ति कब और कैसे और क्यों हुआ ?

एक बात अच्छी तरह से समझ ले किसी भी धर्म का निर्माण अल्लाह, ईश्वर, गॉड, भगवान, ने नहीं बनाया है, इस बात से यह समझ आता है, की जाति और धर्म को इंसानों ने ही बनाया है,
जाति की उत्पत्ति भी विदेशी आर्यों के आगमन से हुई, आर्यों ने एक होकर युद्ध किया, सभी मूलनिवासी को हराकर लुटते गये, हमारा भारत देश पूरी तरह से समृद्ध था, आर्यों के आने के बाद ही जाति की सुरुआत हुई इससे पहले कोई जाति नहीं थी, आर्यों ने अपनी सत्ता को कायम करने के लिए, सभी ओर कर्मकाँटों का निर्माण किया, जो जिस कार्य को करता था, उसी अनुसार से जाति का विभाजन कर दिया, देश पूरी तरह से जाति में बंट गया, अब उन्होंने वर्ण का निर्माण किया, सूद्र को नीचे रखा, क्योकि ये सबसे जायदा लड़ाकू पराक्रमी थे, उसके बाद, फिर वैश्य, और क्षत्रिय और अंतिम में स्वंम उच्च वर्ण के बन गए,
कभी कोई स्वंम कहता है मै देवता हूँ, और देखो ये विदेशी कहते फिरते है और बड़े-बड़े पोस्टर में प्रचार करते है, देखो ये प्रभु बन गए, देखो ये महाप्रभु बन गए अपने आप,
तुम कब समझोगे मूलनिवासी ST, SC, OBC, तुमको छोटी बड़ी जाति के नाम पर तुम्हारा मानसिक और राजनीतिक शोषण किया जा रहा है,
जाति के बारे में अधिक जानना हो तो इतिहास पड़ लेना, नहीं तो मुझे भी बता देना, किस ग्रन्थ में जाति का उल्लेख है, अरे वह भी मूलनिवासी है, उसे भी अपने समान एक बार देखो तो सही |
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