Jul 25, 2018

इंतजार शत्रु है, मगर कैसे ? आलस को कैसे दूर भगाए !

intjar shatru hai magar kaise www.inhindiindia.in

 इंतजार शत्रु है, मगर कैसे ? आलस को कैसे दूर भगाए !

दुनिया में अनेक तरह के लोग रहते है, एक होते है जो समय का इंतजार करते रहते है, और एक वो जो समय के अनुसार चलने का प्रयास करते है,
एक वह लोग होते है जो सुबह होने का इंतजार करते है, और एक वो जो सुबह होने से पहले ही वही काम कर चुके होते है,
कहने का अर्थ यह है, इंतजार शत्रु है, कुछ इस तरह से समझते है, मुझे पुस्तक पड़ना है, और रात हो चूका है, लाइट भी नहीं है,
एक तो मै इंतजार करूँ, लाइट के आने का या दूसरा कुछ जुगाड़ करूँ, जिससे पड़ने के लायक रौशनी मिल सके,
अगर आप पड़ने के लिए कुछ जुगाड़ कर सकते है, तो आपके लिए लाइट का इंतजार करना शत्रु के समान है,
लेकिन बात यह नहीं है, आपको हर समय इसी तरह से अपने इंतजार नामक शत्रु को मात देना है | मगर कैसे, नहुत लोगो को लगता है, मै आलसी होते जा रहा हूँ  |
यह वास्तव में सत्य है, मगर वह आलसी कैसे में है,
व्यक्ति जब किसी चीज से बोर हो जाता है, कुछ करने की चाह समाप्त हो जाती है, तो स्वाभाविक सी बात है, उस कार्य को करने का मन नहीं लग सकता | और आलस धीरे-धीरे आने लगती है, मगर कुछ ऐसे भी लोग होते है जो बहुत-बहुत कुछ कर सकते है, फिर भी वे आलसी होते जा रहे होते है, मगर कैसे,
    हम सोचते है, की यह होगा तो करुगा, और जब वह आ जाती है पर भी नहीं करते क्योकि वह आलस अन्दर भर चूका होता है,
आलस और इंतजार शत्रु में जायदा अंतर नहीं है,
आप सोचते रहते है, करूँगा-करूँगा मगर नहीं कर पाते इसका बहुत ही आसन कारण है,
समय का इंतजार, मगर समय कब आएगा, यही तो समझना है,
समय तो वही है, बस उस स्तिथि और अपने मन की परिस्तिथी का इंतजार होता है |
कुछ भी करने के लिए तीन चीजो का होना आवश्यक है,
कर्ता, परिस्तिथी और प्रेरणा,
1.    कर्ता अर्थात कार्य करने वाला,
2.    अपने मन की और सामग्री की आवश्यकता, और करने के स्तिथि,
3.    जिस कार्य को करना चाहते है, उसे करने के लिए किसी से प्रभावित होना आवश्यक है |

जब आप इन तीनो को समझ जायेंगे तो, आपको समय का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी, आप भविष्य के समय को खीचकर वर्तमान में ले आयेंगे |
“ परिस्तिथी का इंतजार मत करो, परिस्तिथी बनाओ “
Previous Post
Next Post

post written by:

0 Comments: