Jul 25, 2018

मुर्खता को बढ़ावा देने में भारतीय मीडिया का प्रमुख दिमाग है

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मुर्खता को बढ़ावा देने में, भारतीय मीडिया का प्रमुख दिमाग है

साथियों वर्तमान मीडिया अंधविश्वास को ख़त्म करने के बजाए, उसको बढ़ावा दे रही है | शिक्षा के स्तर को बढ़ाने का प्रमुख उद्देश्य कुरूतियो एवं पाखंडवाद को मिटाना है | परन्तु टेक्नोलॉजी और ज्ञान का उपयोग अंधविश्वास को बढ़ावा देने में लग दिया जाए ले शिक्षा में गुणवत्ता योजना ढोंग मात्र ही बस होगा आय दिन आप सब मीडिया में देखते होंगे जिस पर धनलक्ष्मी वर्ण यन्त्र हनुमान कवच, आदि का प्रचार किया जा रहा है राहू, और केतु शनि आदि अनेक प्रकार के नौटंकी के माध्यम से लोगो को बेवकूफ बनाया जा रहा है |

                अगर धनलक्ष्मी वर्षा यन्त्र से सचमुच धन की वर्षा होती है तो सरकार को चाहिये की वह प्रत्येक घर में उसे फ्री में वितरण करा दे | सरकार के द्वारा दी जा रही सारी योजनाओ को बंद करा दे | यदि यह इतना कारगर है तो सच में इसे प्रयेक B.P.L. परिवार को होना आवश्यक कराए ऐसा करने से सरकार की सारी समस्याए ख़त्म हो जाएगी क्योकि पैसा ही तो गरीबी का जड़ है | अगर धनलक्ष्मी यन्त्र के माध्यम से सबके पास पैसा होगा | धन की वर्षा होगी तो प्रधानमंत्री को कोई भी जनधन लक्ष्मी योजना चालू करने की आवश्यकता ही नहीं होगी |

            अगली बारी आती है हनुमान रक्षा कवच की | यदि यह कवच इतना कारगर है तो पाकिस्तान क्यों बार बार भारत पर फायरिंग कर रहा है | हर दिन रोज अनेक जवान शहीद हो रहे है | यह सैनिको के सुरक्षा की गारंटी क्यों नहीं होता | और केवल सैनिक ही नहीं प्रत्येक पुलिस देशवासी की सुरक्षा की ये गारंटी ले |

            यदि यह इतना कारगर है तो क्यों रोज बलात्कार के मामले बढ़ते जा रहे है क्यों उन अबलाओ की रक्षा नहीं हो पा रही है | रोज क्यों एक्सीडेंट से मर रहे है | क्यों आपदा भूकंप करंट आदि से लोगो की मौत हो रही है |
          
 स्पस्ट है की यह सब ढकोसला है जिसका पढ़े लिखे लोग भी शिकार हो रहे है | इनको पहनने वाले लोग वे है जो पलायन आदि दृष्टिकोण के है जो जीवन से जुड़ने के बजाए पलायन कर जाते है | ये सब बचपन से ही काल्पनिक फिल्म देखकर बड़े हुए होते है, और बनावती दुनिया में जी रहे होते है |

        परन्तु अत्यंत दुःख की बात यह है की लोकतंत्र चतुर्ण स्तम्भ कहे जाने वाला मीडिया ऐसे कार्यक्रमों के प्रचार प्रसार में सर्वाधिक लगा है | प्रत्येक चैनलों में रोज इनका कार्यक्रम आता है | और इस पाखंडवाद को आग की तरह फैलाया जाता है |

        अभी हाल में ही पेपर में छापा गया था कि – “भगवान जगरनाथ का इलाज डॉक्टरों ने किया’’
        कैसा दिन आ गया है अब भगवान भी बीमार पड़ने लग गए है | आने वाले दिनों में मौत भी हो सकती है क्योकि जीवन तो नश्वर है | फिर कुछ दशक बाद तो इस संसार से भगवान का अस्तित्व तो ख़त्म हो जायेगा न |
        अतः मीडिया को चाहिये की अगर जरा सा शर्म और अक्ल बची हो तो ऐसे समाचारों को बंद करें या तो उसे प्रमाणित करें | अगर वह ऐसा नहीं कर पाती है तो उसे चुल्लू भर पानी में डूब के मर जाना चाहिये |
    “याद रखना तुम अपने कुए में एक दिन ख़ुद गिर जाओगे’’
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