Feb 17, 2018

अच्छा दिन कब आया था, या आएगा, कौन से तारीख में, और किस मुददे में, बेउकुफ़ बना रहा भाजपा सबको

ACHCHHE DIN KAB AAYENGE
कृपया पूरा पढ़े, मामला समझना भी तो है,
मै जिन्दा कैसे हूँ, लोगो के मन में यह प्रश्न न आता हो मगर मेरे मन में जरुर आता है, और बहुत जल्दी ही मुझे मेरे प्रश्नों का उत्तर भी दिखाई देने लगता है, मै जिन्दा इसलिए हूँ, क्योकि मुझमे जान है, और जान के लिए खाना खाता हूँ, और शरीर में आत्मा है, तो मै जिन्दा हूँ,
पर क्या वास्तव में यही सच्चाई है, मुझे नहीं लगता |
अगर इसी प्रश्न को उल्टा कर दिया जाए, मै मर क्यों नहीं रहा हूँ,
तो उत्तर इस तरह से होगा, क्योकि मै अभी जवान हूँ,
पर मुझे नहीं लगता यही सच्चाई है,
अगर कोई मुझसे कहे मै जिन्दा क्यों हूँ, तो मै कहूँगा,
क्योकि मै जीना चाहता हूँ, इसलिए मै जिन्दा हूँ,
मै मरा क्यों नहीं, क्योकि मुझे जीना है,
तो अंतिम में हम यही पहुच जाते है, हम जीना क्यों चाहते है,
क्योकि जीवन को जीना है, कुछ है जिसे पूरा करना है, जो है नहीं उसे प्राप्त करना है, पर मेरे प्रश्न है,
अगर कुछ पाने के लिए जिन्दा है, या जीवन को जीने के लिए तो जीवन का समझ भी होना चाहिए |
जब मुझसे कोई कुछ वादा करने के लिए कहता है, तो मै क्यों नहीं करता, इसका उत्तर मै इस तरह से देता हूँ,
“क्या आप वादा कर सकते हो, कल तक आप जिन्दा रहोगे, मरे नहीं रहोगे”
है, उत्तर हाँ में, बिलकुल भी नहीं, क्योकि जीवन का कोई भरोसा नहीं,
अगर इसी को कहे, कल सूर्य उगेगा, तो हर कोई कहेगा उगेगा, पर क्यों कहेगा, क्योकि सूर्य रोज उगता है, और सूर्य पर और अपनी जानकारी पर सबको उम्मीद है |

कोई आत्मा हत्या क्यों कर लेता है,

बात करने के लिए तो यह बहुत बड़ा मुद्दा है, पर मेरा मुद्दा कुछ और है, व्यक्ति उस समय आत्मा हत्या कर लेता है, जब उसकी उम्मीद टूट जाती है, और उसे लगता है, मेरा जीवन व्यर्थ है,

तो मै जिन्दा क्यों हूँ,

यक़ीनन मुझे उम्मीद है, कुछ करने की, कुछ प्राप्त करने की इसलिए जिन्दा हूँ,
सभी व्यक्ति इस उम्मीद से जिन्दा होते है,
और यह उम्मीद लेकर हर व्यक्ति जी रहा होता है, अगर स्तिथि ख़राब है, तो अच्छा होने के उम्मीद, क्या सरकार भी आपके इसी उम्मीद का फ़ायदा उठा रही है,
अगर हर बार अच्छा दिन करते रहेंगे, तो ख़राब दिन कब था |
क्या आ गया है अच्छा दिन, दिन तो वही रहेंगे, बस सोच का परिवर्तन बांकी है, अच्छे दिन अपने आप आ जायेंगे, जो कहे अच्छा दिन उससे पूछा कौन से तारीख को, किस मुददे में अच्छे दिन आयेंगे |
अगर उत्तर नहीं है, तो सभी अच्छे दिन का हवाला देकर बेउकुफ़ बनाता रहेगा, | और सभी की जीने की उम्मीद से खेलता रहेगा |
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