Jan 16, 2018

आपने चोर-चोर तो जरुर सुना होगा, आखिर वास्तव में चोर की परिभाषा क्या है ?

 क्या आप जानते है चोर किसे कहते है,

chor kise kahte hai puri jankari
 साधारण लोग कहते है, जो चोरी करता है, उसे चोर कहते है, लेकिन चोर की अगर परिभाषा निकाले तो क्या होगा, मेरी नज़र से
परिभाषा :- चोर वह है, जो किसी दुसरे की वस्तु को, बिना अनुमति के चुपके से अपना बनाने की कोशिश करता है |

लेकिन क्या चोरी करना गलत है,

हाँ , चोरी करना गलत है, क्योकि दुसरे की वस्तु दुसरे का होता है, उस पर किसी का कोई हक़ नहीं होता, उस वस्तु को उस मालिक ने न जाने कितने मेहनत से बनाया, सजो कर रखा है,
अगर वह वस्तु का मालिक उसे स्वेच्छा से देना चाहे तो वह चोरी नहीं है,

क्या चोरी करना कला है

हाँ, चोरी करना कला है, लेकिन तब तक जब तक चोरी पकड़ी नहीं जाती, अगर पकडे जाते है तो वह चोरी है |
चोरी जान बुझ कर की जाती है, या अनजाने में हो जाता है |
व्यक्ति अनेक के होते है, बहुत सारे स्वाभिमानी होते है, जो बार-बार दोहराई जाए वह आदत है,
अगर चोरी करने पर दंड क्या मिलेगा, इसकी जानकारी हो, और वह व्यक्ति जानते हुए भी चोरी करें, तो यह निश्चित ही जानबूझकर चोरी है,
अगर यही दंड के ज्ञान के बिना चोरी की जाए तो यह भी चोरी है, लेकिन यह अनजाने में चोरी के सामान है |
इस तरह की चोरी न समझ और बच्चे किया करते है, और जानबूझ कर चोरी, बड़े और समझदार लोग किया करते है |

लेकिन जानबूझ कर चोरी करने की क्या जरुरत |

चोरी एक प्रकार की आदत है, जो लोग आलसी और बिना मेहनत के खाने के आदि हो जाते है, वह लोग चोरी जायदा करते है,
या वे लोग, जो जानते है, मामूली दंड के बाद छुट जायेंगे |
कुछ लोग चोरी को एक खास प्रकार की काबिलियत मानते है, जो कहते है, अपने सामान को सम्हाल कर रखे, नहीं तो वह फालतू सामान है |
बड़ी चोरी खासकरके वह लोग किया करते है, जो खुद को औरो से अधिक चालक समझते है |
बच्चे अगर गलती करें, तो उसे प्यार से समझाए, की वह उसका है, हमारा नहीं, दुसरे की चीजो को बिना अनुमति के नहीं लेते, और बच्चों को किसी दुसरे बच्चे को, चोर कहकर न बुलाये,
क्योकि बच्चों के लिए, जो समझ नहीं आती, उसे समझने के लिए वह वही दोहराने की कोसिस करते है,
आपको यह लेख कैसा लगा जरुर बताए धन्य वाद |
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