Dec 6, 2017

विश्व प्रसिद्ध सर्पदंश उपचार व नागपंचमी बिरितिया बाबा मेला गाँव कैथा छत्तीसगढ़

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम योगेन्द्र कुमार है और आज आपको दुनिया की सबसे प्रसिध्ध नाग पंचमी मेला के बारे में बताने जा रहा हूँ |Sarpdansh upchar kendra kaitha chhattisgarh
इस मेले के बारे से मै बचपन से सुनता आ रहा हूँ, 
एक ऐसा गाँव है, जहाँ जाने की मैने कई साल प्रयास किया और आज 28/07/2017 को गया भी |
अब आपको जो बताने जा रहा हूँ, उसे सुन कर, जान कर आपको थोड़ा अदभुत लगेगा, लेकिन भारत देश में यह कोई बड़ी बात नहीं |
यह बिलकुल पूरी तरह से सत्य है, यह मजाक नहीं, और न कोई मनगढ़हन कहानी है |
अगर आपसे कहाँ जाए, किंग कोबरा ने किसी को दर्श कर लिया है, और कोई कहे उस व्यक्ति को यह खा लो 5 पांच मिनट में ठीक हो जाओगे, तो कोई यकीन करेगा |
लेकिन आपको जो बताने जा रहा हूँ, वह पूरी तरह सत्य है |
भारत देश, छत्तीसगढ़ राज्य, जिला-जांजगीर चाम्पा, ब्लाक-हसौद, के अंतर्गत ग्राम कैथा है, जहाँ विश्व का पौराणिक नागपंचमी मेला लगता है |
यहाँ की जनसंख्या 5000 से अधिक है |
और यह मेला इसलिए लगता है, क्योकि यहाँ सर्प दंश का इलाज तुरंत हो जाता है |
जाने इस ग्राम और मेले और सर्प दंश ईलाज की कहानी |
जब यह ग्राम करीब सदियों पहले बसा हुआ था, तो उस समय ग्राम में एक मुखिया हुआ करते थे, जिसे गौटिया भी कहते है |
उनके सपने में एक सर्प ने सपने दिये की मेरे गले में मरा हुआ जानवर को निगलते समय जानवर की हड्डी फस गया है, उसे आकर निकाल दो, मै गाँव के खैया के पास हूँ बाबा जिनका नाम बीरतिया- और बिरितिया बाबा भी कहते है,
खैया- 

उस समय मरे हुए जानवरों को फेकने के लिए एक जगह होता था, जिसे खैया कहते थे |
बाबा ने सपने को नजरंदाज कर दिया, उसके बाद फिर से उन्हें बार-बार वही स्वप्न आया, उन्होंने जाकर देखने का निर्णय लिया,
बाबा ने अपने पड़ोस के व्यक्ति को साथ ले जाकर देखा तो वहां पर बड़ा सा सर्प था, जिसने सपने दिया था |
बाबा को संकोच हुआ की कही ये मुझको खा न ले, या मै इसकी मदद कैसे करूँ,
यह सोच कर बिरतिया बाबा घर आकर सो गए; सोने के बाद फिर से स्वप्न आया की अगर आप मेरी मदद नहीं करोगे तो मै मर जाऊंगा |
अपने साथ बाबा एक व्यक्ति को ले गए, जिनका नाम आगे चलकर साखी हुआ |
साखी –  

साथ देने वाला, साथ में रहने वाला, गवाह रहने वाला |
बाबा ने सकुचाते हुए सर्प के गले से मरे हुए जानवर को निकाला, जो गले में फंस गया था |
सर्प ने बाबा से बात किया -
माना जाता है, की उस ज़माने में कुछ जानवर भी बात किया करते थे |
कहाँ, की बिरतिया बाबा आपने मेरा जान बचाया है, आपको मै वरदान देना चाहता हूँ |
आप मांगे जो आपकी इच्छा है,
बिरितिया बाबा ने कहाँ की, मेरे लिये कुछ नहीं चाहिए आपकी दया से सब कुशल है,
देना चाहते है, तो यह वरदान देवे, की जो इस गाँव में सर्प दंश से पीड़ित आये, वह यहाँ से मरा न जाए आपकी दया से |
और यह वरदान सर्प ने दिया की, हे बिरतिया बाबा जो भी आपके घर पर सर्प दंश आए, वह मरा हुआ न जाए |
तब से लेकर यह मेला नागपंचमी के दिन यहाँ मनाया जाता आ रहा है, यहाँ नागपंचमी के दिन लाखों लोग दर्शन के लिए आते है, और खास करके वह लोग जो यहाँ से सर्प दंश से ठीक हुए होते है |
सर्प दंश का उपचार-
बाबा ने वरदान में यह माँगा था, की इस गाँव में किसी भी व्यक्ति को सर्प दंश से कोई हानि नहीं होगा |
गाँव के स्वागत द्वार पर आते ही व्यक्ति ठीक होने लगता है,
और जब सर्प दंश व्यक्ति को बाबा के मंदिर के पास लाया जाता है, उसके बाद मंदिर के पुजारी बाबा मंदिर के अन्दर से एक छोटा सा बिल से एक चुटकी मिट्टी निकालकर थोड़ी सी पानी में मिलाकर सर्प दंश व्यक्ति को पिला दिया जाता है,
और मंदिर के अन्दर लेटा दिया जाता है, और परदे को बंद कर दिया जाता है |
उसके बाद बिरतिया बाबा की 2 से अधिक बार जयकारे लगाये जाते है,
दो (2) से लेकर (5)पांच मिनट में ही व्यक्ति ठीक हो जाता है |
और मंदिर में नारियल फोड़ा जाता है, अगरबत्ती जलाया एवं दीप से आरती किया जाता है |
मुख्य बाते -यह मंदिर चौबीस (24) घंठे खुले रहते है,
मुख्य बात- यहाँ किसी से कभी भी सर्प दंश के लिए 1 रुपया भी नहीं लिए जाने की प्रथा है, आप आपके श्रद्धा से पेटी में दान कर सकते है |
और रुकना चाहे हो गाँव में कुछ दिन रुक सकते है,
ठहरने के लिए जल्द कुछ मकान बनाया जा रहा है |
मंदिर-
पहले यहाँ पर छोटा सा चबूतरा हुआ करता था, जिसे नवनिर्माण से मंदिर बनाया गया है |
सर्प दंश काटे को लाना चाहते है तो –
नारियल घर से लाना जरुरी नहीं, आपको 24 घंठे मंदिर के पास दुकान में नारियल मिल जायेगा | गाँव मंदिर का नक्शा निचे है, देखे –
ग्राम कैथा में सावन में सोमवार के दिन और खास करके- नागपंचमी को बोलबम-बोलबम मानाने के लिए दूर-दूर से आते है |
मंदिर में सर्प दंश उपचार के लिए पुजारी होता है, जो यह सारी विधि को करते है, और उनके साथ में एक और सहयोगी पुजारी रहते है | एक पुजारी की अनुपस्तिथि में दूसरा पुजारी मंदिर में रहते है |
पुजारी का चयन- गाँव के लोग मिलकर उचित व्यक्ति को पुजारी बनाते है, वह व्यक्ति अपने उम्र तक पुजारी रह सकता होता है |
वर्तमान में पुजारी
मुख्य पुजारी- पंडित बाबा राजेश जी है
सहयोगी पुजारी- पंडित बाबा जवाहर लाल जी है,
अन्य पुजारी- समस्त ग्राम वासी कैथा |
उपचार आकड़ा -
गर्मी के दिनों में 50 से ऊपर लोग रोजाना आते है,
बरसात के दिनों में कभी-कभी 100 से ऊपर व्यक्ति आते है,
सालाना – हजारो सर्प दंश यहाँ से ठीक होकर जाते है |
बिरतिया बाबा नाम का चमत्कार –
अगर कोई भी व्यक्ति चाहे कैसा भी सर्प क्यों न काट लिया हो, और वह दुनिया के किसी जगह पर हो, वह व्यक्ति (जय बिरितिया बाबा गाँव कैथा के ) ऐसा कहकर एक चुटकी मिटटी निचे जमीन से खा लेगा तो वह कुछ ठीक हो जायेगा |
उसके बाद उस व्यक्ति को जितना जल्दी हो सके ग्राम कैथा आना होता है, अगर कोई विदेश से है तो, वह भी आ सकता है,
और भारत वासी को जितना जल्दी हो सके 10- से 15 दिन जो भी लगे एक बार आना ही होता है |
मंदिर की मिटटी ले जाना –
लोग यह मानते है, की यहाँ की मिटटी चमत्कारी है, यह सत्य है, लेकिन यह मिटटी ग्राम कैथा के अन्दर तक ही अच्छा है, क्योकि बाबा बिरितिया नाम का मिट्टी ही चमत्कारी है, तो इसे घर पर ताबीज बना कर पहनने से क्या फैयदा |
गाँव के लोग इसे गलत मानते है |
बाबा का इतिहास –
यह कहानी सदियों से चली आ रही है, बाबा के बारे में किसी को जानकारी नहीं एवं जहाँ बाबा रहते थे वही पर पास में मंदिर को बनाया गया है |
इस लेख में कहे गए बात की पूरी तरह सहमती देते है,
लेखक एवं संपादक रिसर्च कर्ता– योगेन्द्र कुमार
एवं ग्रामवासी
बाबा नरसिह जी, रामविलास जी, संतोष जी, एवं समस्त ग्रामवासी कैथा 

रिसर्च में- आपको जल्द सांप उपचार की लाइव दिखाने वाला हूँ,
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कैथा आने के लिए-
ट्रेन से-
सक्ति रेलवे स्टेशन से-
मालखरौदा 20 किलो मीटर, आगे छपोरा 10 किलो मीटर, वहां से हसौद 10 किलोमीटर, और कैथा पास में 3 किलोमीटर,
39 किलोमीटर


खरसिया रेलवे स्टेशन से-
डभरा 25 किलो मीटर, डभरा से छपोरा 10 किलोमीटर, आगे छपोरा से हसौद 10 किलोमीटर, और कैथा पास में 3 किलोमीटर,
टोटल 43 किलोमीटर


बाराद्वार रेलवे स्टेशन से-
सीधे हसौद 37 किलोमीटर,


चाम्पा रेलवे स्टेशन से-
केरा रोड से बिर्रा रोड फिर हसौद से 3 किलोमीटर पहले

जांजगीर से -

कैथा मैप

अगर आप कुछ अधिक जानना चाहते है तो नीचे बॉक्स में कमेंट करके बताये, और अपने मित्रो सुभचिन्ताको के साथ शेयर करें |

धन्यवाद्

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