Apr 13, 2017

What is Quetion ? प्रश्न क्या है ?

What is Quetion ? प्रश्न क्या है ?

प्रश्न क्या है ? अगर आपसे यह पूछा जाए तो, आप क्या कहेंगे | शायद आप कहेंगे,  की ये कैसा प्रश्न है |

लेकिन जब मैंने अपने दोस्त से कहा की, प्रश्न क्या है ? तो उसने मुझे इसका उत्तर लिख कर दिया, क्योकि मैंने लिखित में उत्तर माँगा था |
प्रश्न वह है, जो उत्तर के सन्दर्भ में पूछा जाए |
इस उत्तर को पाकर मै उसका तारीफ किये बिना रह नहीं पाया, वाह क्या उत्तर है, | इतने कम शब्दों में बहुत अच्छे से, जीवन में न जाने हम कितने प्रश्न करते है, कभी दुसरे से तो कभी स्वयं से; लेकिन बहुत कम ही उत्तर मिल पाते है |
अधिक उत्तर मिल सकता है, अगर उत्तर करने वाला प्रश्न साफ शब्दों में इस्पस्ट पूछे |
प्रश्न भी ऐसा हो, कि उत्तर देने में लोगो को ख़ुशी हो, मन कहे क्या प्रश्न है |
कभी-कभी ऐसा होता है, कि व्यक्ति के मन में इतने प्रश्न चले आते है, कि उसे लगता है, यह प्रश्न यु ही चले आये है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं होता; प्रश्न का उत्तर जानने का प्रयास करना चाहिए | मेरे अनुसार से उत्तर देने वाला गलत नहीं है, प्रश्न सही तरीके से न पूछा गया हो |
नहीं तो इतने लोगो में किसी न किसी के पास तो उत्तर जरुर होगा |
बचपन में, मन में कितने सारे प्रश्न आते है, उस समय इस प्रश्न का उत्तर देने वाला सिर्फ कुछ ही लोग होते है, जो इसके उत्तर दे सकते होते है |
प्रथम माँ और पिता और परिवार |
बच्चे के मन में जो प्रश्न आते है, उसका उत्तर के लिए बच्चा अपनी माँ से पूछता है, अगर माँ , बच्चे को डाट दे तो वह पिता के पास जाता है, और पिता भी डाट दे तो किससे पास वह जाये, उसके प्रश्न मन में रह जायेंगे |
लेकिन जो माँ पिता और परिवार, बच्चे का उत्तर सही तरीके से देते रहते है, वह बच्चा कुंठाओ से दूर रहता है, साथ में मानसिक विकारो से भी दूर रह्त्ता है |
प्रश्न करना कितना कठिन है, यह आप उस समय समझ पाएंगे, जब आप स्वम प्रश्न करेंगे |
एक समय की बात है, मेरे मन में जो प्रश्न होते थे, उसके बारे में हर किसी को बता देता था, बाद में इस बात का एहसास हुआ, की अगर तुम किसी से कोई प्रश्न करते हो, और अगर वह उस प्रश्न को समझ नहीं पाता तो गलती, उसकी नहीं, गलती तो हमारी है, कि हम अपने प्रश्न को समझा नहीं पा रहे है, तो इसमें गलत हम हुए |
उस समय यह हो सकता है, जिसने प्रश्न नहीं समझा वह, प्रश्न करने वाले को गलत समझ सकता है, और दूसरा प्रश्न को समझ कर उत्तर न दे पाने पर, कैसा उल्टा-सीधा प्रश्न है, कहकर फिर गलत समझ सकता है | यह भी कह सकता है, मुझे परेशान कर रहा है |
जैसे, मेरे मन में प्रश्न हो आते थे, जब मै पढाई कर रहा था | जैसे, ये Sin (thita)  Cos (thita) की पढाई करने का क्या फायदा, ये जीवन में कहा पर काम आएगा, इस प्रश्न को दोस्तों के पास कर सकता, और गुरूजी |
लेकिन मुझे दुविधा होती थी, मन में यह सवाल आता था, कही मुझे गलत न समझ ले, मन कहता ,छोडो जो भी है,
लेकिन मुझे मेरे प्रशन का उत्तर आखिर में मिल ही गया |
मन में अगर अगर संकोच है, किसी प्रश्न को लेकर तो ऐसा व्यक्ति से अपना सवाल या परामर्श ले जो आपके प्रश्न को सुन कर समझ जाये, और आपके प्रश्न का मजाक न उडाये, चाहे आपका कैसा भी प्रशन क्यों न हो, न किसी से आपके प्रशन के बारे में बुराई करे |
जो आपको लगता है, यह मेरे प्रश्न का उचित उत्तर दे सकते है |
जैसे आपके प्रश्न – क्या वास्तव में भुत होते है |
कितना अजीब प्रश्न है, न ,
इसका उत्तर यह है,
जो तुम्हे डराने के वजय सहस भर दे, यही इसका सही उत्तर हो सकता है,
जैसे- भुत होते भी होंगे, लेकिन ओ तो, हमसे डरते है, तभी तो हमसे भागते रहते है, हमें दिखाई नहीं देते | अगर दिखे तो उसे तुम डरा देना ओ भाग जायेगा |
जीता वही जो डरा नहीं |
लेख – योगेन्द्र कुमार धिरहे
(मनोज्ञान विशेषज्ञ)
WhatsApp 09301510691


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